दांडी मार्च(dandi march)को सॉल्ट मार्च व डांडी सत्याग्रह भी कहा जाता है। 2 मार्च 1930 को गांधी जी ने वायसराय को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश शासन के दुष्प्रभावों तथा अपनी 11 सूत्रीय मांगों का उल्लेख किया, जो सरकार के सम्मुख पेश की गयीं थीं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने का कोई प्रयत्न नहीं करेगी तो 12 मार्च को वे नमक कानून का उल्लंघन करेंगे।

सरकार द्वारा पत्र का कोई सार्थक जवाब न मिलने के विरोध में गांधीजी ने 12 मार्च 1930 साबरमती आश्रम से अपने 78 समर्थकों के साथ डांडी के लिये पद यात्रा प्रारंभ की तथा 24 दिनों में 240 कि.मी. की पदयात्रा के पश्चात 5 अप्रैल को डांडी पहुंचे। 6 अप्रैल को गांधीजी ने समुद्रतट में नमक बनाकर कानून तोड़ा ।
इससे पहले गांधीजी की डांडी पदयात्रा के दौरान रास्ते में हजारों किसानों ने उनका संदेश सुना तथा कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कई ग्रामीणों ने सरकारी नौकरियों का परित्याग कर दिया ।
9 अप्रैल को गांधी जी ने एक निर्देश जारी करके आंदोलन के लिये निम्नलिखित कार्यक्रम प्रस्तुत किये :-
जहां कहीं भी संभव हो, लोग नमक कानून तोड़कर नमक तैयार करें।
- शराब की दुकानों, विदेशी कपड़े की दुकानों तथा अफीम के ठेकों के समक्ष धरने आयोजित किये जायें।
- यदि हमारे पास पर्याप्त शक्ति हो तो हम करों की अदायगी का विरोध कर सकते हैं ।
वकील अपनी वकालत छोड़ सकते हैं ।
- जनता, याचिकाओं पर रोक लगाकर न्यायालयों का बहिष्कार कर सकती है।
- सरकारी कर्मचारी अपने पदों से त्यागपत्र दे सकते हैं ।
- हर घर में लोग चरखा कातें और सूत बनायें ।
- छात्र, सरकारी स्कूल एवं कालेजों का बहिष्कार करें।
- स्थानीय नेता, मेरी गिरफ्तारी के बाद अहिंसा बनाये रखने में सहयोग दें ।
- इन सभी कार्यक्रमों में सत्य एवं अहिंसा को सर्वोपरि रखा जाये तभी हमें पूर्ण स्वराज्य की प्राप्ति हो सकती है ।
सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रारंभिक चरण के रूप में, 12 मार्च 1930 को प्रारंभ हुई इस ऐतिहासिक दांडी मार्च(dandi march) में गांधीजी ने 6 अप्रैल को डांडी में मुट्ठीभर नमक बनाकर नमक कानून को तोड़ा। नमक कानून के उल्लंघन को भारतीयों द्वारा, ब्रिटिश कानूनों के विरोध एवं साम्राज्यवाद की समाप्ति के प्रयासों के प्रतीक के रूप में देखा गया। इस यात्रा, इसके विकास तथा लोगों पर इसके प्रभाव को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया।
गुजरात में गांधीजी की अपील पर तीन सौ ग्रामीण सरकारी कर्मचारियों ने सरकारी सेवाओं से त्यागपत्र दे दिया। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय स्तर पर कांग्रेस को लोकप्रिय बनाने एवं उसे संगठित करने के सराहनीय प्रयास किये।
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महत्वपूर्ण MCQ :-
1. दांडी मार्च किस आंदोलन से संबंधित था?
A. भारत छोड़ो आंदोलन
B. असहयोग आंदोलन
C. सविनय अवज्ञा आंदोलन
D. स्वदेशी आंदोलन
2. महात्मा गांधी ने दांडी मार्च कब शुरू किया था?
A. 12 मार्च 1930
B. 6 अप्रैल 1930
C. 26 जनवरी 1930
D. 8 अगस्त 1942
3. दांडी मार्च का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार
B. नमक कानून का विरोध
C. शिक्षा का प्रसार
D. किसान आंदोलन चलाना
4. दांडी मार्च कहाँ से शुरू किया गया था?
A. सेवाग्राम आश्रम
B. साबरमती आश्रम
C. वर्धा आश्रम
D. फीनिक्स आश्रम
5. दांडी मार्च के बाद महात्मा गांधी ने नमक कानून तोड़ते हुए कहाँ नमक बनाया था?
A. सूरत
B. अहमदाबाद
C. दांडी
D. मुंबई
उत्तरमाला :-
1-C, 2-A, 3-B, 4-B, 5-C





