कर्क रेखा(kark rekha)वह काल्पनिक लकीर जिसने भारत को दो हिस्सों में बांटा

कर्क रेखा(kark rekha)/कर्क वृत्त (Tropic of CANCER) गोलार्द्ध में एक अक्षांश वृत्त है। जो ग्लोब पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई एक काल्पनिक रेखा है।

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  • कर्क रेखा, विषुवत रेखा / भूमध्य रेखा से 23 डिग्री 30 मिनट उत्तर (23.30′ उत्तर) की ओर समानान्तर रेखा है।
  • कर्क रेखा पर सूर्य 21 जून को लम्बवत् चमकता है। इसे कर्क संक्रान्ति या ग्रीष्म संक्रान्ति (Summer Solstice) भी कहा जाता है। क्योंकि इस समय उत्तरी गोलार्द्ध में अधिकतम गर्मी पड़ती है।
  • 21 जून उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन होता है व रात सबसे छोटी होती है। क्योकि 21 जून को सूर्य कर्क रेखा के एकदम ऊपर होता है| इस दिन सबसे अधिक गर्मी होती है (स्थानीय मौसम को छोड़कर), क्योंकि सूर्य की किरणें यहां एकदम लंबवत पड़ती हैं।
  • 21 जून को नार्वे जो उत्तरी अक्षांश पर स्थित है, में अर्द्धरात्रि का सूर्य (Midnight Sun) दिखाई पड़ता है। इस तिथि को नार्वे में 24 घंटे का दिन होता है।
  • सूर्य एक महीने में लगभग 8 डिग्री अक्षांश की तथा एक दिन में 16′ मिनट अक्षांश की यात्रा करता है।
  • अधसौर बिन्दु पृथ्वी के चतुर्विक एक पथ बनाता है जो एक स्प्रिंग की तरह पृथ्वी को कर्क तथा मकर रेखाओं के मध्य लपेटे रहता है। इस पथ को क्रान्तिक वृत्त (Ecliptic) कहा जाता है।
  • भारत में, कर्क रेखा आठ राज्यों से होकर गुजरती है: गुजरात (जसदन), राजस्थान (कलिंजर), मध्य प्रदेश (शाजापुर), छत्तीसगढ़ (सोनहट), झारखंड (लोहरदगा), त्रिपुरा (उदयपुर), मिजोरम (चम्फाई), पश्चिम बंगाल (कृष्णानगर)।
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  • भारत की माही नदी (Mahi River) कर्क रेखा को दो बार काटती है।

 

कर्क रेखा 3 महाद्वीपों के  17 देशों से होकर गुजरती है।

क्रम संख्या महाद्वीप का नाम देश के नाम
1उत्तरी अमेरिकाबहामास (द्वीपसमूह), मेक्सिको
2अफ्रीकामिस्र, लीबिया, नाइजर, अल्जीरिया, माली, पश्चिमी सहारा, मॉरिटानिया
3एशियाताइवान, चीन, म्यांमार, बांग्लादेश, भारत, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब

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